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राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर देगी गत तीन वर्ष के बकाया पुरस्कार अकादमी ने जारी की विज्ञप्ति, 30 अप्रेल तक साहित्यकार भिजवा सकते हैं प्रविष्टियां

जयपुर।। राजस्थान के हिंदी साहित्य को समर्पित राजस्थान सरकार की स्वायत्तशासी संस्थान राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर ने गत तीन वर्ष के बकाया पुरस्कारों हेतु गुरुवार को विज्ञप्ति जारी कर दी है। विज्ञप्ति के क्रम में प्रांत के साहित्यकार तीस अप्रेल तक अकादमी प्रवर्तित विभिन्न पुरस्कारों हेतु निर्धारित प्रपत्र में प्रविष्टि भिजवा सकते हैं।
अकादमी सचिव डॉ. बसंत सिंह सोलंकी ने बताया कि राजस्थान सरकार के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग से बजट एवं स्वीकृति मिलने के बाद अब प्रांत के साहित्यकारों को गत तीन वर्ष के इन पुरस्कारों का भी लाभ मिल सकेगा। सोलंकी ने बताया कि वर्ष 2019-20, वर्ष 2020-21, वर्ष 2021-22 के बकाया पुरस्कारों हेतु साहित्यकार अकादमी की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट आरएसएयूडीआर डॉट ओआरजी पर जाकर आवेदन प्रपत्र एवं नियमावली आदि प्राप्त कर सकते हैं। अकादमी अध्यक्ष डॉ. दुलाराम सहारण ने बताया कि राजस्थान सरकार के साहित्य एवं कलाप्रेमी मुख्य मंत्री अशोक गहलोत एवं विभाग के काबीना मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला की अगुवाई में प्रांत के साहित्यकारों को वाजिब हक, सहयोग, प्रोत्साहन मिलने की मुहिम में बकाया पुरस्कार दिए जाने की यह पहल निस्संदेह प्रशंसनीय है। राजस्थान के अकादमिक इतिहास में यह पहला अवसर है जब कोई भी अकादमी बकाया पुरस्कारों को नये सिरे से प्रविष्टियां मांगकर पुरस्कार देने की पहल कर रही है। सहारण ने बताया कि अकादमी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने के कारण उक्त वर्षों के पुरस्कार लंबित रह गए थे। सरकार ने इन लंबित पुरस्कारों पर स्वीकृति देकर ऐतिहासिक काम किया है। उल्लेखनीय है कि पहले की सरकारों ने कभी बकाया पुरस्कारों की सुध नहीं ली और वे पुरस्कार उक्त सरकारों के समय बकाया ही रहे। यह पहला अवसर होगा जब कोई अकादमी बकाया पुरस्कार भी देगी।
इन पुरस्कारों के लिए साहित्यकार भिजवा सकते हैं प्रविष्टियां-
राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा प्रवर्तित पचहतर हजार रुपये की राशि के सर्वोच्च मीरां पुरस्कार के साथ-साथ प्रांत के साहित्यकार इकतीस हजार रुपये के सुधींद्र पुरस्कार, रांगेय राघव पुरस्कार, देवीलाल सामर पुरस्कार, देवराज उपाध्याय पुरस्कार, कन्हैयालाल सहल पुरस्कार हेतु प्रविष्टियां भिजवा सकते हैं। वहीं इकतीस हजार रुपये के बाल साहित्य को समर्पित शंभूदयाल सक्सेना पुरस्कार एवं इक्कीस हजार रुपये के प्रथम कृति हेतु सुमनेश जोशी पुरस्कार हेतु भी प्रविष्टि भिजवाई जा सकती है। अकादमी कार्यालय में प्रविष्ठियां पहुंचने की अंतिम तिथि तीस अप्रेल रखी गई है।
चौबीस साहित्यकारों को मिलेगा पुरस्कार-
अकादमी के बकाया पुरस्कार विज्ञप्ति के क्रम में एक वर्ष में आठ पुरस्कार दिए जाते हैं। इस तरह वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 यानी कि तीन वर्ष के क्रम में कुल चौबीस पुरस्कार दिए जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा यह स्वीकृति मिलते ही प्रांत के चौबीस साहित्यकारों को पुरस्कार मिल सकेगा।
यहां से प्राप्त की जा सकते हैं नियमावली ओर आवेदन प्रपत्र-
राजस्थान साहित्य अकादमी की वेबसाइट www.rsaudr.org से इन पुरस्कारों हेतु आवेदन प्रपत्र एवं नियमावली डाउनलोड की जा सकती है। अकादमी के कार्यालय मीरां भवन, ज्ञान नगर, सेक्टर-4, हिरणमगरी, उदयपुर से भी आवेदन प्रपत्र और नियमावली प्राप्त की जा सकती है। वहीं अकादमी के फेसबुक पेज ‘राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर’ से या फिर फेसबुक पेज पर दिए गए गूगल ड्राइव लिंक से भी नियम-प्रपत्र प्राप्त किए जा सकते हैं। मई के अंतिम सप्ताह या जून में होगा पुरस्कार समारोह-
राजस्थान साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. दुलाराम सहारण ने बताया कि राज्य सरकार से उक्त पुरसकारों हेतु पुरस्कार राशि का बजट ही स्वीकृत हुआ है। इसी क्रम में अकादमी द्वारा पूर्व घोषित वर्ष 2022-23 के पुरस्कार समारोह में ही गत तीन वर्ष के यह बकाया पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। समारोह मई के अंतिम सप्ताह या फिर जून में होने की संभावना है।

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